मय्यत का कफ़न दफ़न का तरीका | Mayyat Ko Dafan Karne Ka Tarika Full

मय्यत का कफ़न दफ़न का तरीका Mayyat Ko Dafan Karne Ka Tarika mayyat ko ghusl dene ka tarika qabar mein utarne ka tarika inteqal ke baad kya karna chahiye

कफ़न दफ़न का तरीका | Mayyat Ko Dafan Karne Ka Tarika

कफ़न की तफ़्सील: मर्द के कफ़न के लिए तीन चीजें होती हैं- 1. इज़ार, 2. लिफ़ाफ़ा, 3. कफ़नी

  • इज़ार – वह चादर जो मैयत के क़द के बराबर ली जाती है। ढाई गज लम्बा, सवा गज चौड़ा होता है।
  • लिफ़ाफ़ा – वह है जो मैय्यत के क़द से थोड़ी लम्बी होती है जो सर और पांव की ओर बांधी जा सकती है।
  • 3 गज लम्बी और 1½ गज चौड़ी होती है।
  • कफ़नी – वह है जो क़मीज़ की तरह गले में डाली जाती है। 22 गज लम्बी और एक गज चौड़ी होती है ।
  • औरत के कफ़न के पांच कपड़े होते हैं। ऊपर ज़िक्र की गई तीन चीज़ों के अलावा सीना बन्द और सर बन्द ।
  • सीना बन्द दो गज लम्बा और सवा गज चौड़ा होता है। सर बन्द डेढ़ गज लम्बा और बारह गज चौड़ा होता है।

Mayyat Ko Dafan Karne Ka Tarika

कफ़नाने का तरीक़ा: चारपाई पर पहले लिफ़ाफ़ा, फिर इज़ार, फिर कफ़नी का एक निचला हिस्सा बिछा दिया जाए, फिर मैयत को उस पर लिटा दिया जाए। फिर कफ़नी का ऊपर वाला बाक़ी हिस्सा, कफ़नी के गले से मैयत का सर निकाल कर ऊपर डाल दिया जाए, जिस तरह क़मीज़ पहनाया जाता है

फिर इज़ार और लिफ़ाफ़ा को मैयत पर लपेट लिया जाए, फिर लिफ़ाफ़े को ऊपर और नीचे लपेट कर कपड़े की पट्टी के साथ बांध दिया जाए।

अगर औरत है तो सीना बन्द के साथ भी औरत की छाती लपेट दी जाए और सर बन्द यानी टोपी को सर में पहुंचाया जाए और बाक़ी हिस्सा सर पर डाल दिया जाए और औरत के बालों को दो हिस्से करके कफ़नी के ऊपर सीने पर रख दिए जाएं ।

Dafan Karne Ka Tarika In Hindi

दफ़नाने का तरीक़ा उत्तर – दक्खिन दिशा में क़द के मुताबिक़ 4 फिट गहरी और तीन फिट के क़रीब चौड़ी क़ब्र खोदी जाए, फिर उसके अन्दर पच्छिम को खोद कर लहद बनाई जाए, जिसमें मैयत को आसानी से लिटाया जा सके।

ऊपर से थोड़ा तंग हो ताकि बन्द करने में आसानी हो और गिरने से बची रहे । फिर मैयत को कम से कम तीन आदमी क़ब्र में उतारें।

एक सर की ओर से उठाएं, दूसरा पांव की ओर से और तीसरा कमर में कोई कपड़ा डाल कर ऊपर को उठाए और बड़े आराम से लहद में रखा जाए। लहद में उतारने वाले ये पढ़ें:-

Mayyat Ko Dafan Ki Dua

बिस्मिल्लाहि व अला मिल्लति रसूलिल्लाह०
तर्जुमा
अल्लाह के नाम से इसको दीन व रसूल के मुताबिक़ दफ़न कर रहा हूं ।

Dafan Karne Ka Tarika In Hindi | Mayyat Ko Dafan Ki Dua
  • फिर लहद को कच्ची ईंटों या मिट्टी के ढेलों से अच्छी तरह बन्द कर दिया जाए, फिर वह खोदी हुई मिट्टी क़ब्र में डाल दी जाए और मिट्टी डालते वक़्त सभी यह दुआ पढ़ें-

मिनहा ख-लक़ नाकुम व फ़ीहा नुईदुकुम व मिनहा नुखरिजुकुम तारन उखरा०

Dafan Karne Ka Tarika In Hindi | Mayyat Ko Dafan Ki Dua

Mayyat Ko Dafan Karne Ka Tarika

  • कब्र की शक्ल ऊंट के कोहान की तरह बनाई जाए।
  • आग की पकी हुई कोई चीज़ क़ब्र पर लगाना जायज़ नहीं है।
  • लहद के बग़ैर ‘तज्जर’ में दफ़न करना जायज नहीं, अलावा इसके कि लहद का तैयार करना और ठहर सकना मुम्किन न हो
  • अगर बच्चा मुर्दा पैदा हुआ और उसके सब अंग ठीक हों, तो उसका नाम रखा जाए और कपड़े में लपेट कर दफ़न कर दिया जाए, उसकी नमाज़ जनाज़ा न पढ़ी जाए।
  • अगर बच्चा मुर्दा पैदा हुआ और उसके अभी अंग बने नहीं थे, तो उसका नाम रखकर दफ़न करने की ज़रूरत नहीं, बल्कि यों ही गढ़ा खोदकर दफ़न कर दिया जाए।
  • अगर बच्चा ज़िंदा पैदा हुआ, मगर फिर मर गया, तो उसको कफ़न दिया जाए। उसकी नमाज़ भी पढ़ी जाएगी और उसका नाम भी रखा जाएगा।

मय्यत की कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ

मिन्हा खलकना कुम
तर्जुमा
इसी मिट्टी से हमने तुमको बनाया
व फिहा नुईदुकुम
तर्जुमा
और इसी मिट्टी मे तुमको मिलाएगे
व मिन्हा नुखरिजुकुम तारतन ऊखरा
तर्जुमा
और आखिरत मे इसी मिट्टी से तुमको उठांएगे

कब्र पर मिट्टी डालने की दुआ | मिट्टी देने की दुआ हिंदी इमेज

मय्यत की नमाज का तरीका

जब किसी मुस्लिम मखलूक का इंतकाल हो जाता है ऐसे में उसकी नमाजे जनाजा पढ़ी जाती है जिसका तरीका पहले ही बताया गया है क्लिक से पढ़ें मय्यत की नमाज का तरीका